Thursday 25th of June 2026

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कोरबा ,बिलासपुर : कोर्ट की जीत के बाद बड़ा खुलासा!” — कई वर्षों के संघर्ष के बाद कुर्मी समाज आक्रामक, अवैध कब्जा, स्कूल संचालन और तोड़फोड़

कोरबा/बिलासपुर/ न्यूज उड़ान

कई वर्षों से न्यायालयों में लंबित और संघर्ष का प्रतीक बना मामला अब कुर्मी क्षत्रिय समाज के पक्ष में निर्णायक रूप से सामने आने के बाद नया मोड़ ले चुका है।

राजस्व न्यायालय (09 फरवरी 2026) और हाईकोर्ट (20 अप्रैल 2026) से लगातार अनुकूल फैसले मिलने के बाद समाज अब पूरी तरह आक्रामक रुख में आ गया है और विवादित जमीन पर चल रही कथित अनियमितताओं को लेकर खुलकर सामने आ रहा है।

समाज के अध्यक्ष श्री आर.के. वर्मा ने शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद अब जमीन को अविलंब मुक्त कराकर समाज को सौंपा जाना चाहिए।

बिना अनुमति चल रहा स्कूल, कैसे मिली मंजूरी?

समाज का आरोप है कि विवादित भूमि पर “बिलियन पब्लिक स्कूल” संचालित किया जा रहा है, जबकि इसकी वैधानिक अनुमति को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, आखिर किस आधार पर यह संचालन वर्षों से जारी है, यह जांच का विषय बन गया है।

दिन-रात खड़े रहते हैं बस और भारी वाहन

समाज के अनुसार, स्कूल से जुड़े बसों और अन्य भारी वाहनों को बिना अनुमति के दिन-रात परिसर में खड़ा किया जाता है। इससे सुरक्षा और नियमों की अनदेखी दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।

अवैध निर्माण का बड़ा सवाल: कैसे खड़ा हुआ विशाल भवन?

सबसे बड़ा मुद्दा यह उठाया गया है कि बिना वैधानिक स्वीकृति के इतना बड़ा भवन आखिर कैसे तैयार हो गया?

क्या निर्माण के दौरान प्रशासन अनजान था या कहीं गंभीर लापरवाही हुई?

बिना अनुमति बनाया गया रास्ता और गेट

आरोप है कि वाहनों के आवागमन के लिए बिना अनुमति के बड़ा गेट तोड़कर नया प्रवेश मार्ग तैयार किया गया, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।

धार्मिक आस्था पर चोट: मूर्तियों को पहुंचा नुकसान

समाज ने आरोप लगाया कि वहां स्थापित बजरंग बली की मूर्ति को तोड़ा गया और सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त किया गया इस घटना ने समाज में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।

वर्ष 1985 से समाज का जुड़ाव, हर साल होते हैं आयोजन

समाज का कहना है कि वर्ष 1985 से वह इस भूमि से जुड़ा हुआ है।

यहां नियमित रूप से सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, डॉ. खूबचंद बघेल जयंती और छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती जैसे आयोजन होते रहे हैं, साथ ही समाज की बैठकें भी यहीं आयोजित की जाती रही हैं।

स्पष्ट मांग: जमीन खाली कराकर समाज को सौंपी जाए

कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित भूमि को तत्काल खाली कराया जाए और उसे सरदार वल्लभभाई पटेल स्मृति संस्थान संचालित कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति, कोरबा को सौंपा जाए।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

समाज ने संकेत दिए हैं कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।

कई वर्षों के कानूनी संघर्ष के बाद मिली इस जीत ने अब पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।

यह केवल न्यायालय का फैसला नहीं, बल्कि अब प्रशासनिक जिम्मेदारी की भी बड़ी परीक्षा बन चुका है।

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