रायपुर : छत्तीसगढ़ की लोक गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई का निधन, 70 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस।
Vivek Sahu
Sun, Jul 5, 2026
रायपुर (न्यूज उड़ान)
छत्तीसगढ़ की लोक कला जगत के लिए रविवार का दिन बेहद दुखद रहा।
पंडवानी की विश्व प्रसिद्ध गायिका और पद्म विभूषण तीजन बाई का रायपुर एम्स में निधन हो गया। वे 70 वर्ष की थीं।
लंबे समय से अस्वस्थ चल रही तीजन बाई को इलाज के लिए रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया था।
रविवार को सुबह 3.15 को उन्होंने अंतिम सांस ली, उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।
माटी की आवाज को दी वैश्विक पहचान
सक्ती जिले के गनियारी गांव में 24 अप्रैल 1956 को जन्मी तीजन बाई ने तंबूरे की एक तान पर महाभारत की कथाओं को जीवंत कर दिया।
उन्होंने पंडवानी को गांव की चौपाल से निकालकर देश और दुनिया के सबसे बड़े मंचों तक पहुंचाया।
फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका सहित दर्जनों देशों में अपनी प्रस्तुति देकर उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई।
उनकी गायकी में लोक और शास्त्र का अनोखा संगम सुनने को मिलता था।
पद्म विभूषण पाने वाली पहली छत्तीसगढ़ी महिला
केंद्र सरकार ने उनकी कला साधना को तीन बार सम्मानित किया।
- 1988 में पद्म श्री
- 2003 में पद्म भूषण
- 2019 में पद्म विभूषण
तीजन बाई पद्म विभूषण से सम्मानित होने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला थीं।
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, "तीजन बाई के रूप में छत्तीसगढ़ ने अपनी सबसे बड़ी लोक कलाकार को खो दिया है।
उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।"
राज्यपाल और संस्कृति मंत्री ने भी गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार ने तीजन बाई का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने का निर्णय लिया है।
एम्स के बाहर कलाकारों और प्रशंसकों का तांता लगा हुआ है। हर कोई नम आंखों से अपनी "तीजन दीदी" को अंतिम विदाई दे रहा है।
तीजन बाई - एक नजर में
- जन्म: 24 अप्रैल 1956, गनियारी, सक्ती जिला
- विधा: पंडवानी गायन
- प्रमुख सम्मान: पद्म श्री 1988, पद्म भूषण 2003, पद्म विभूषण 2019
तीजन बाई के जाने से छत्तीसगढ़ की लोक कला को अपूरणीय क्षति हुई है।
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