: पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल ने किया फास्टरपुर थाने का किया औचक निरीक्षण।
Mon, Nov 11, 2024
मुंगेली ( न्यूज उड़ान) थाना के रोजनामचा,जरायम,एफआईआर व थाना के अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का किया अवलोकन।निरीक्षण दौरान थाना में उपस्थिति पीड़ित पक्षों से मिलकर जानी उनकी समस्या और ग्राम कोटवारों से भी हुए रूबरू।
पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल ने थाना फास्टरपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया निरीक्षण दौरान थाना का मालखाना, संधारित अपराध जरायम रजिस्टर, पेंशनदारान, मर्ग रजिस्टर देखा गया रिकार्ड दुरस्त रखने तथा थाना मे उपस्थित पुलिस स्टॉफ का टर्न ऑउट चेक किया गया और जिन अधिकारी कर्मचारियों का टर्न ऑउट अच्छा रहा और जिन्होंने रिकॉर्ड का संधारण सही तरीके से किया उनके उत्साहवर्धन हेतु नगद ईनाम इनाम की घोषणा की। थाना प्रभारी और स्टाफ को थाना क्षेत्रान्तर्गत गुण्डा बदमाश, निगरानी बदमाश की लगातार चेकिंग करने एवं असामाजिक तत्वो पर लगातार निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया।
अवैध गतिविधियों पर कार्यवाही और जुआ, सट्टा आबकारी (माइनर एक्ट) प्रतिबंधित धाराओं पर अधिक से अधिक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। इसी दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना मे आये प्रार्थी/पीड़ित पक्षो की समस्याओ की जानकारी प्राप्त कर आवेदनो का तत्काल निराकरण किया गया व त्वरित कार्यवाही करने थाना प्रभारी फास्टरपुर को निर्देशित किया गया।
जिले मे कानून व्यवस्था एवं आगामी पंचायत चुनाव के मद्देनजर रखते हुये पुलिस अधीक्षक के द्वारा थाना फास्टरपुर में उपस्थित कोटवारों को उनके महत्ता और उनकी सम्मान की लिए मुंगेली पुलिस का "मोर पहचान मोर सम्मान" कार्यक्रम से अवगत कराते हुए उन्हें पुलिस और प्रशासन का सक्रिय सहयोग करने बताया गया उनके महत्वपूर्ण कर्तव्यो के प्रति जानकारी दिया और मुंगेली पुलिस के ग्राम रक्षा समिति और कोटवार वाट्सअप ग्रुप में जोड़ा गया और उनसे उनके अधिकार ग्रामो मे होने वाले अवैध गतिविधियां व अन्य आपराधिक गतिविधियो मे शामिल तत्वो के बारे में गोपनीय तौर पर जानकारी देने की अपेक्षा की गई।
निरीक्षण दौरान थाना प्रभारी फास्टरपुर निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, उपनिरी. पारस राम साहू, सउनि विजय बंजारा, प्र.आर. मनोज साहू आर. मुकेश ठाकुर, तिजराम यादव व स्टाफ तथा ग्राम कोटवार उपस्थित रहे।
: अंतर्राष्ट्रीय साहित्य ,संस्कृति एवं कला के महासंगम "लेखक गांव" थानों, देहरादून में डॉ. ऊषी बाला गुप्ता का हुआ सम्मान।
Wed, Nov 6, 2024
स्पर्श हिमालय फाउंडेशन के तत्वावधान में देहरादून के थानों में स्थित देश के पहले लेखक गांव में अंतरराष्ट्रीय कला साहित्य और संस्कृति महोत्सव का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय 25 से 27 अक्टूबर तक के इस महोत्सव में 65 से अधिक देशों के साहित्यकार, लेखक और कलाकारों ने भाग लिया जो हिंदी भाषा और उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने में कामयाब हुए। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले विदेशी साहित्यकार अपने देश में हिंदी के ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करेंगे इस गांव की अवधारणा से लेकर का विकास "संकल्प से सिद्धि" तक की यात्रा पूर्ण करने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री भारत सरकार डॉ रमेश पोखरियाल "निशंक"जी ने किया जो स्वयं एक विशिष्ट साहित्यकार के रूप में भी पहचान रखते हैं।
उनका कहना है कि गांव में लेखकों को अपनी कृतियों के सृजन के लिए आवश्यक एक शांत एवं रचनाशील वातावरण के साथ समस्त सुविधाएं प्राप्त होगी। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह, उत्तराखंड मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ,केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ,जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी के कर - कमलों से संपन्न हुआ। तत्पश्चात कार्यक्रम में अलग-अलग विषयों पर सत्र आयोजित किए गए जिसमें "रचनात्मक अभिव्यक्ति" विषय पर वक्ता के रूप में व्याख्यान देने के लिए श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा छत्तीसगढ़ के हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. ऊषी बाला गुप्ता को डॉ. निशंक ने सम्मानित किया ।इस कार्यक्रम में डॉ. ऊषी बाला गुप्ता ने संपूर्ण छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया।इस भव्य आयोजन में सहभागिता एवं सम्मान के लिए श्री अग्रसेन शिक्षण समिति अध्यक्ष श्री सुनील कुमार जैन, प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार झा एवं महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों ने बधाइयां एवं शुभकामनाएं देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
: गजब चिंहारी छत्तीसगढ़ के
Mon, Nov 4, 2024
गजब चिंहारी छत्तीसगढ़ के, सब के मन ल भाये हे।छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, सब के मन हरियाये हे।।ये भुईयां हे सोन चिरईयां, इहां बड़े कमोइया हें।
जांगर टोरत मेहनत करथें, सबके भूख भगइया हें।।मेहनत हमर पूजा हावय, खेती हमर भगवान हे।
तरिया डबरी नरवा झोरखी, पानी हमर बरदान हे।।दुनियां भर हे हमर चिंहारी, अन्नपूर्णा महतारी हे।
सबो तिरथ परसाद बनाथें, हमरो अन्न कुवांरी हे।।छत्तीसगढ़ मं गंगा बरोबर, महानदी के पानी हे।
अरपा पैंरी मनियारी अऊ, हसदो हमर जिंगानी हे।।श्रृंगी ऋषि सिहावा आसन, जग जाहिर जे नांव हे।
गंगरेल बांध जिहां बंधाये, जिहां फरसिया गांव हे।।शबरी दई के पइयां लागौं, राम ल जे ह रिझाये हे।
शिवरीनारायण के महिमा ह, दुनियां भर मं छाय हे।।रतनपुर के महमाया दई, जेकर महिमा भारी हे।
शक्ति भक्ति सबे ल देथे, जेकर बड़े चिन्हारी हे।।गजब चिंहारी छत्तीसगढ़ के, सब के मन ल भाये हे।
छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, सब के मन हरियाये हे।।रचनाकार -
*श्री प्रहलाद चन्द्र "लखलिया"*
*जैजैपुर (छत्तीसगढ़)*