Wednesday 24th of June 2026

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बालको ने विश्व योग दिवस पर युवाओं और समुदाय को दिया स्वास्थ्य एवं जागरूकता का संदेश।

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Dedicated to health, discipline and a positive lifestyle. Nirankari Mission’s Yoga Day.

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बालको का जुबली पार्क, कोरबा जिले के सुंदर एवं व्यवस्थित पार्को में से होगा एक।

: हाथियों में मादा हाथी करती हैं नेतृत्व वहीं परिवार देता हैं छोटे बच्चों को Z + सुरक्षा, हाथी बुद्धिमत्ता का प्रतीक माना जाता हैं –जितेंद्र सारथी

Vivek Sahu

Mon, Aug 12, 2024
कोरबा( न्यूज उड़ान ) आज हाथी ज़मीन का सबसे बड़ा जीव है हाथी का गर्भ काल 22 महीनों का होता है, जो कि ज़मीनी जीवों में सबसे लम्बा है जन्म के समय हाथी का बच्चा क़रीब 104 किलो का होता है।   हाथी अमूमन 50 से 70 वर्ष तक जीवित रहता है,एशियाई सभ्यताओं में हाथी बुद्धिमत्ता का प्रतीक माना जाता है और अपनी स्मरण शक्ति तथा बुद्धिमानी के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ उनकी बुद्धिमानी डॉल्फ़िन तथा वनमानुषों के बराबर मानी जाती है।   पर्यवेक्षण से पता चला है कि हाथी का कोई प्राकृतिक परभक्षी नहीं होता है,हालाँकि सिंह का समूह शावक या कमज़ोर जीव का शिकार करते देखा गया है, अब यह मनुष्य की दखल तथा अवैध शिकार के कारण संकट में है। वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी ने सर्व प्रथम सभी को विश्व हाथी दिवस की शुभ कामनाएं देते हुए बताया वे लंबे समय से हाथी पर काम कर रहे, हाथी के व्यवहार पर अध्यन कर रहे साथ ही समझने की कोशिश करते हैं वे बताते हैं हाथी इंसानों की तरह समूह और परिवार की तरह रहते हैं वहीं बेहद संवेदन शील होते है।   लंबे समय से हाथी पर काम करने पर देखा गया की हाथी एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाते समय अपनी पूर्वज के द्वारा चले हुए रास्ते का ही उपयोग करते हैं अपने सुघने की गज़ब की शक्ति से कोसो दूर पानी और भोजन तक पहोंच जाते हैं।   हाथी अपने समूह के साथ विचरण करते हुए एक दूसरे से लगातार ध्वनि तरंग से संपर्ग करते हैं, उसके साथ झुंड के नेतृत्व समूह की उम्रदराज मादा करती हैं, जो बच्चों का विशेष ध्यान रखती हैं और बच्चों को Z Plus security घेरे में रखती हैं।   हाथी एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक विचरण करते हुए अपना लीद छोड़ते जाति हैं जिसमें कई पेड़ों के बीज होने से यहां वहा फैल कर पौधे के रुप मे अंकुरित हो जाते हैं और वहीं धीरे धीरे पेड़ का रूप ले लेते हैं जबकि वही इंसान अपने स्वार्थ के लिए हजारों पेड़ो को काट देता हैं , आज सच मायने में हाथी अपने वजूद के लिए लड़ रहा अंधाधुन जंगल कटाई और उनके रहवास की कमी के कारण मानव हाथी द्वंद बढ़ते जा रहे और इसी तरह उनके रहवास कम होता गया तो आने वाले समय में हाथी मानव द्वंद बढ़ते जाएगा।   हम सभी को हाथियों के लिए सोचना पड़ेगा की अगर हाथी पूरी तरह विलुप्त हो जाए तो हमारा जंगल भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा आईए हम सब मिलकर हाथी को बचाने का आज विश्व हाथी दिवस पर संकल्प ले और उनको बचाएं।

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