Sunday 14th of June 2026

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पसरखेत रेंज के ग्राम छुईढोड़ा में विशालकाय किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू, सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा गया।

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: कोरबा वनमंडल अंतर्गत लमरू रेंज में किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू: वन विभाग एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त पहल, स्थानीय समुदाय को किया गया जागरूक।

Vivek Sahu

Fri, Jun 20, 2025
कोरबा (न्यूज उड़ान )यह घटना दोपहर करीब 2 बजे तब सामने आई जब एक स्थानीय किसान अपने खेत में काम कर रहा था।   अचानक उसे एक गड्ढे में कुछ हलचल दिखाई दी। पास जाकर देखने पर उसने देखा कि उसमें एक विशालकाय साँप मौजूद है। उसने तत्काल वन विभाग को सूचित किया और बताया कि उसके खेत में "पहाड़ चित्ती" निकली है, तब वन आरक्षक तुरंत उस स्थान पर पहुंचे और बताया की यह किंग कोबरा किंग कोबरा (Ophiophagus hannah) है, जिसे ग्रामीण पहाड़ चित्ती के नाम से भी जानते है।   सूचना मिलते ही कोरबा वनमंडल के वनमण्डलाधिकारी श्री मयंक अग्रवाल एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के विशेषज्ञ श्री जितेंद्र सारथी, श्री मयंक बागची एवं श्री बबलू मारुवा कोरबा से लेमरू रेंज में पहुंचे फिर डीएफओ सर के मार्गदर्शन में पहले थैला के फ्रेम को जमा कर जितेंद्र सारथी ने रेस्क्यु चालू किया फिर उन्होंने वैज्ञानिक प्रक्रिया, सतर्कता और सुरक्षा के साथ किंग कोबरा को रेस्क्यू किया और उसे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।   इस अभियान में वन विभाग से श्री याज्ञवल्क्य राणा, श्री विकास बनर्जी , श्री रामेश्वर सीदार, वनपाल श्री श्रवण कुमार गायकी, वनरक्षक श्री जय कंवर,, श्री शिवनारायण बिंझवार एवं श्री शुखसागर सिंह की विशेष भूमिका रही।   घटनास्थल पर विधिवत पंचनामा तैयार कर स्थानीय ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण, कानूनी पहलुओं एवं मानवीय जिम्मेदारी के बारे में जागरूक किया गया। ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि किसी भी वन्यजीव की उपस्थिति पर घबराने की बजाय तत्काल वन विभाग को सूचित करें। वनमंडलाधिकारी श्री मयंक अग्रवाल ने कहा, “किंग कोबरा जैसे संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण हमारी पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का एक अहम हिस्सा है।   ऐसे समन्वित रेस्क्यू अभियान समाज में जागरूकता और सहभागिता को भी बढ़ावा देते हैं।” यह अभियान वन विभाग, नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी और स्थानीय समुदाय के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक कदम है।

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