: प्रगतिशील जायसवाल (कन्नौ. कलार) समाज द्वारा किया गया सामान्य ज्ञान परीक्षा का आयोजन।
Tue, Jun 17, 2025
बरपाली (न्यूज उड़ान) प्रगतिशील जायसवाल (कन्नौ. कलार) समाज के युवा प्रकोष्ठ द्वारा किया गया सामान्य ज्ञान परीक्षा का आयोजन।समाज के बच्चों ने लिया बढ़ चढ़कर लिया हिस्सा। सात परीक्षा केंद्रों में शामिल हुए लगभग 200 बच्चे।प्रगतिशील जायसवाल कन्नौ. कलार समाज के कार्यकारिणी और युवा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में समाज के बच्चों के लिए सामान्य ज्ञान परीक्षा 2025 का आयोजन रविवार 15 जून को किया गया।
परीक्षा के लिए तीन वर्ग बनाये थे जिसमें 7 वर्ष से 14 वर्ष, 14 से 19 वर्ष और 19 से 30 वर्ष तक के लगभग 200 बच्चों ने परीक्षा में हिस्सा लिया।इसके लिए सरस्वती शिशु मंदिर पुराना बस स्टैंड कोरबा, सर्वमंगला स्कूल दीपका, सरस्वती शिशु मंदिर भिलाई बाजार, धनीराम मेमोरियल पब्लिक स्कूल बरपाली, सरस्वती शिशु मंदिर अकलतरा, शा. कन्या माध्य. शाला टाउन चाम्पा, हँसवाहिनी विद्यालय बिलासपुर सहित कुल सात परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। उक्त परीक्षा में तीनों वर्ग के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आने वाले बच्चों के लिए नगद पुरस्कार के साथ परीक्षा में शामिल हुए सभी बच्चों को प्रमाण पत्र दिए जाने की घोषणा जायसवाल समाज द्वारा की गई है।
उक्त परीक्षा को लेकर बच्चों के साथ साथ अभिभावकों में भी काफी उत्साह देखने को मिला। अभिभावकों का कहना था कि समाज में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होते रहना चाहिए इससे बच्चों के विकास में सहायता मिलने के साथ ही उनको अपना आगे का कैरियर चुनने में आसानी होती है। प्रश्नों का बेहतरीन संकलन के साथ ओ एम आर सीट पर उत्तर बनाने के लिए बच्चों में एक अलग ही उत्साह दिखा बच्चों का कहना था कि इससे उन्हें अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आसानी होगी।सामान्य ज्ञान परीक्षा के आयोजन में युवा प्रकोष्ठ प्रभारी गजेंद्र कौशिक के साथ कार्यकारिणी के अध्यक्ष जितेन्द्र जायसवाल, सचिव महेंद्र महतो, सहसचिव दिनेश कश्यप, पूर्व कोषाध्यक्ष बालगोविंद जायसवाल, पूर्व उपाध्यक्ष कामता जायसवाल, राकेश कौशिक, महेंद्र जायसवाल, रजत महतो सहित पूरी कार्यकारिणी और सामाजिक सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
: पाठशालाओं में जब बजेगी घण्टी,होगी स्कूलों में शिक्षकों की गारंटी।
Mon, Jun 16, 2025
पाठशालाओं में जब बजेगी घण्टी,होगी स्कूलों में शिक्षकों की गारंटी।युक्ति युक्तकरण से प्रदेश के शिक्षकविहीन शालाओ में हुई नियमित शिक्षको की नियुक्ति।शैक्षणिक माहौल बदलेगा,गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगीमोदी की गारण्टी को पूरा करने के साथ ही पाठशालाओं में शिक्षकों की व्यवस्था की दिशा में उठाया गया क्रांतिकारी कदम।
टन... टन.. टन... टन... घण्टी की यह आवाज अब फिर से स्कूलों में सुनाई देने ही वाली है। ग्रीष्म अवकाश के बाद लम्बे दिनों के अंतराल में क्लास रूम की चहल-पहल में क, ख, ग और ए,बी,सी,डी की शोर भी सुनाई देगी।बीते हर साल की तरह स्कूलों के पट खुलने के साथ पहली बार स्कूल आने वाले विद्यार्थियों के माथे पर तिलक लगाएं जाएंगे।मिठाइयां खिलाई जाएंगी और कलम,किताब, ड्रेस देकर उनका अभिनंदन भी किया जाएगा।
इन सबके बीच इस साल कुछ नया भी होगा। पाठशालाओं के दहलीज पर कदम रखकर भविष्य बनाने आएँ दूरस्थ क्षेत्र के उन हजारों विद्यार्थियों को नियमित शिक्षक भी मिलेंगे, जहाँ कोई शिक्षक पदस्थ नहीं था। प्रदेश के लगभग 6 हजार एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षको का समायोजन किया गया है, जिससे 4 हजार 721 विद्यालय लाभान्वित हुए है। वही युक्ति युक्तकरण से पूर्व प्रदेश भर में 453 शिक्षकविहीन विद्यालय थे।इन विद्यालयों में से 446 विद्यालयों में अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना कर राज्यशासन ने शिक्षक की कमी से वंचित विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने के साथ ही पाठशालाओं की घण्टी बजने के साथ ही शिक्षको की गारंटी भी सुनिश्चित कर दी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश की कमान सम्हालने के साथ ही अनेक साहसिक निर्णय लेकर मोदी की गारण्टी को पूरा करने के दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
शपथ लेने के पश्चात केबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख पीएम आवास निर्माण के लिए निर्णय लेने के बाद, 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी, तेन्दूपत्ता खरीदी में प्रति मानक बोरा की राशि को बढ़ाते हुए चार हजार से 5500 करने के साथ ही किसानों को दो साल के बकाया बोनस की राशि और मोदी की गारण्टी में शामिल योजनाओं को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया।यह भी सर्वविदित ही है कि प्रदेश के विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी थी। खासकर प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में अनेक ऐसे विद्यालय थे जहाँ लम्बे समय से शिक्षक नहीं थे तो कुछ में एकमात्र शिक्षक ही पदस्थ थे। राज्य शासन ने स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रदेश भर में शिक्षको की स्थितियों को जब परीक्षण किया तो पाया कि छात्र संख्या के आधार पर एक शिक्षक के पीछे विद्यार्थियों की जितनी संख्या होनी चाहिए थीं,इसमे भी अनेक खामी थी। कहने का तात्पर्य यह है कि अनेक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या कम थी,लेकिन शिक्षकों की संख्या अधिक, अनेक विद्यालयों में गणित,जीवविज्ञान, रसायन,भौतकी,अंग्रेजी सहित महत्वपूर्ण विषयों की शिक्षकों की कमी थी तो कई ऐसे भी विद्यालय थे जहाँ एक से अधिक विषयों के शिक्षक थे।इन्हीं असमानताओं की वजह से प्राथमिक शाला से लेकर हायर सेकण्डरी के हजारों विद्यार्थियों को जो शिक्षा मिलनी चाहिए थी वह मिल नहीं पा रही थी। विद्यार्थियों को स्कूल की दहलीज में पहली बार कदम रखने से लेकर कैरियर बनाने के महत्वपूर्ण पड़ाव में शिक्षको की कमी बाधा साबित हो रही थी। राज्य शासन ने जब अतिशेष शिक्षको की संख्या निकालकर युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया अपनाई तो निःसंदेह ऐसे विद्यालयों की तस्वीर ही बदल गई है।दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों ही नहीं पालकों में भी खुशी की लहर है। अब उनके स्कूलों में भी शिक्षक की व्यवस्था होगी यह जानकर वे भी स्कूल आने के लिए रोमांचित है।
राज्य शासन द्वारा युक्ति युक्तकरण के लिए गए फैसले और अपनाई गई प्रक्रिया से शिक्षकविहीन 453 स्कूलों में से 446 अब शिक्षकविहीन नहीं रहेंगे। 5936 एकलशिक्षकीय विद्यालय में से 4721 में अब एकलशिक्षकीय नहीं होगी।यहाँ कम से कम दो या तीन शिक्षक अध्यापन कराएंगे। खासबात यह भी है कि सुदूरवर्ती इलाकों के विद्यालयों जहां गरीब और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या अधिक है वहाँ के सरकारी स्कूलों में भी अब पर्याप्त शिक्षक होंगे।
युक्ति युक्तकरण से बस्तर संभाग के अंतर्गत बस्तर में 25, बीजापुर के 76, नारायणपुर के 14, सुकमा के 29,कोंडागांव के 10 प्राथमिक शाला शिक्षकविहीन थे।अब सभी विद्यालय में शिक्षक पदस्थ कर दिए गए हैं। इसी तरह गरियाबंद के 17, महासमुंद के 14, कोरबा के 14, रायगढ़ के 21, सरगुजा के 14, बालोद के 16, मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी के 13,बलरामपुर जिले के 14 प्राथमिक शाला शिक्षकविहीन थे।इन सभी विद्यालयों में अब अतिशेष शिक्षको के समायोजन के पश्चात वर्षों से रिक्त स्थानों में नियमित शिक्षको की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है।प्रदेश के मिडिल स्कूलो में भी एकलशिक्षकीय से द्वि शिक्षकीय और कई विद्यालयों में तीन शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। शासन के इस फैसले से पालकगण भी खुश है। कल तक शिक्षको की कमी से जूझते विद्यालय में अपने बच्चों को भेजने के साथ ही जो चिंतित थे अब उनके आँखों मे अपने बच्चों की बेहतर भविष्य का सपना सजने लगा है।गणित,भौतकी, रसायन, जीवविज्ञान में नहीं होंगे कमजोर।प्राथमिक और माध्यमिक शाला के अतिशेष शिक्षकों को दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षकविहीन और एकलशिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ किए जाने से जहाँ दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षा की नींव मजबूत होगी वहीं मिडिल और हाई स्कूलों से निकलने के बाद हायर सेकण्डरी में पहुँचने वाले विद्यार्थियों को भी अब गणित,भौतकी, रसायन, जीवविज्ञान,अंग्रेजी जैसे विषयों में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। विद्यालय में सम्बंधित विषय का पाठ्यक्रम संचालित होने के बाद भी विषय के व्याख्याता नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता था।अतिशेष व्याख्याताओं का पदस्थापना रिक्त विषय वाले विद्यालयों में हो जाने से उन्हें भी स्कूल में संबंधित विषयों को पढ़ने में आसानी होगी और वे अपने विषय शिक्षक से उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर पाएंगे।इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में कला विषय चयन करने के अलावा गणित,विज्ञान विषय चयन करने में रुचि जागेगी।पाठ्यक्रम समय पर होगा पूराअतिशेष शिक्षको के समायोजन से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। उनके विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक पदस्थ होंगे और समय पर सभी विषयों के कालखण्ड भी होंगे।इस व्यवस्था से विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा। सभी प्राथमिक शालाओं में शिक्षक और मिडिल स्कूल में भी शिक्षक होंगे। प्राथमिक और माध्यमिक शाला के बच्चों को शिक्षक मिलने से उनके शिक्षा की नींव मजबूत होगी। इसके बाद हाई और हायर सेकण्डरी विद्यालयों में भी गणित, रसायन,भौतकी, जीवविज्ञान,अंग्रेजी आदि विषय के व्याख्याता पदस्थ हो जाने से उन्हें कठिन लगने वाले विषय को अध्ययन करने में आसानी होगी। वे भी दसवीं पास करने के बाद गणित,साइंस लेकर पढ़ाई करने और बेहतर भविष्य बनाने में रूचि लेंगे। विषय शिक्षको के माध्यम से वे कठिन लगने वाले विषयों पर हो रही दुविधाओं,समस्याओं का समाधान कर पाएंगे।विद्यालय में एक अलग शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा
: जयपुर में अशोक मोदी को मिला विशेष सम्मान।
Sun, Jun 15, 2025
राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित होटल शकुन में "वोकल फॉर लोकल" कार्यक्रम का भव्य आयोजन एफ.टी.आई.आई. (फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया) एवं जे.वी.एम. के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कोरबा (छत्तीसगढ़) के प्रसिद्ध उद्योगपति, प्रतिष्ठित सामाजिक व धार्मिक कार्यकर्ता एवं एफ.टी.आई.आई. छत्तीसगढ़ के चेयरमेन श्री अशोक मोदी तथा प्रदेश अध्यक्ष श्री सुधीर बंसल को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित कर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इस सम्मान को प्राप्त कर श्री अशोक मोदी ने समस्त व्यापार समुदाय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा, "एफ.टी.आई.आई. देशभर के व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है तथा व्यापार हितों की रक्षा हेतु सतत प्रयासरत है।" कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के व्यापारी कल्याण बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय सुनील सिंघवी, जयपुर की सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, एवं एफ.टी.आई.आई. के राष्ट्रीय चेयरमेन डॉ. संजय बंसल उपस्थित रहे। इस अवसर पर मा. सिंघवी ने "वोकल फॉर लोकल" अभियान को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बताते हुए उपस्थित सभी व्यापारियों को स्थानीय उत्पादों को अपनाने और प्रोत्साहित करने की शपथ दिलाई। उन्होंने यह भी कहा कि "स्थानीय व्यापार को सशक्त कर भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना संभव है, और इसमें व्यापारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।" कार्यक्रम में देशभर से आए 400 से अधिक व्यापारीगण एवं पदाधिकारीगण ने सहभागिता करते हुए आर्थिक विकास में योगदान देने का दृढ़ संकल्प लिया।