: डिजीटल मीडिया एसोसिएशन ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर को दी श्रद्धांजलि,
Vivek Sahu
Sun, Jan 5, 2025
कोरबा( न्यूज उड़ान )बीजापुर जिले के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े निष्पक्ष,कर्त्तव्यपरायण पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर शव को छुपा दिया गया,
जिसको लेकर पूरे प्रदेश के पत्रकारों में जमकर रोष व्याप्त है।
पत्रकारों के लिए यह घटना किसी एक पत्रकार के ऊपर नहीं अपितु लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर किया गया गहरा वार है ।
इस घटना को लेकर डिजिटल मीडिया एसोसिएशन कोरबा द्वारा निर्भीक पत्रकार मुकेश चंद्राकर की मौत पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण किया गया।
वही पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले को लेकर पत्रकार सुरक्षा कानून का सख्ती से लागू करने की मांग डिजिटल मीडिया एसोसिएशन कोरबा द्वारा की गई।
पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या को लेकर डिजिटल मीडिया एसोसिएशन कोरबा आगामी सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
बहुत दुखद ख़बर हैं..
जिसका तस्वीर आप देख रहें हैं वह मुकेश चंद्राकर हैं और अब उनके नाम के साथ "थे" शब्द जुड़ गया हैं बहुत छोटा सा शब्द हैं "थे" लेकिन इस शब्द के जुड़ जाने से उनके परिवार सहित उनके तमाम करीबियों के ऊपर क्या बीत रहा होगा उनको ही पता हैं.. मुकेश चंद्राकर अब इस दुनिया में नहीं रहें अब सिर्फ रहेगा तो उनकी यादें ।
मुकेश चंद्राकर पेशे से एक अच्छे पत्रकार थे बस्तर के बीजापुर जिले में रहते थे..मुकेश चंद्राकर बस्तर में पत्रकारिता करते थे और पत्रकार होने के नाते उन्होंने एक निर्माणाधीन सड़क की भ्रष्टाचार की जानकारी अपने मीडिया के माध्यम से उजागर किया था।
उस निर्माणाधीन सड़क पर एक जांच कमिटी बैठा दिया गया है जिससे नाराज ठेकेदार ने बदले के भावना से मुकेश चंद्राकर की हत्या कर किया है।
मुकेश चंद्राकार की गलती थी कि उन्होंने उस निर्माणाधीन सड़क में हो रहे भ्रष्टाचार का उजागर किए।
बड़ी दुख की बात है एक अच्छे पत्रकार जब किसी विषय की सच्चाई सामने लाने की कोशिश करता हैं तो उन्हें डराया धमकाया जाता है अब स्थिति तो ये है कि अपनी जान देकर उस सच्चाई का कीमत चुकना पड़ रहा हैं।
पत्रकारिता करना लोगो को बहुत आसान लगता हैं लेकिन सच्चाई ये है कि अब पत्रकारों को अपनी जान दे कर पत्रकारिता करना पड़ रहा हैं।
पत्रकार की जीवन कैसा होता हैं ये भी जान लीजिए...
पत्रकारों के आई कार्ड पर स्पष्ट लिखा होता है 24×7 मतलब 24 घंटे सातों पहर यानी कि आप 24 घंटे on-duty पर हो अब इस बात से अंदाजा लगा लीजिए कि आखिर ऐसा क्यों लिखा होता है ।
हालांकि की ये बहुत से मीडिया संस्थान के आई कार्ड पर नहीं लिखा होता हैं लेकिन सत्य यही है कि आप 24 घंटे ड्यूटी पर हो बरसात हो या भीषण गर्मी या फिर ठिठुरती ठंड हमे काम करना होता हैं रात हो या दिन 24 घंटे एलर्ट मुड़ पर रहना होता हैं।
बरसात के दिनों में अपनी जान की परवाह न करते हुए नदियों नलों के बीच रिपोर्टर और कैमरामैन उस घटना की जानकारी आप तक पहुंचता है भीषण गर्मी में जब लोग बाहर निकला पसंद नहीं करते तब दोपहर के धूप में रिपोर्टर लाइव के लिए घंटों खड़ा रहता है.. ठिठुरती ठंड में रिपोर्टर और कैमरामैन बिना सोचे समझे आप तक खबर पहुंचता हैं।
आम जनता की हक की आवाज उठाने का काम एक मीडिया कर्मी करता हैं लेकिन अब उनके साथ जिस तरीके से बर्ताव किया जा रहा हैं बहुत ही दुर्भाग्य जनक हैं।
आज हमारे बस्तर के पत्रकार साथ के साथ जिस तरीके से बर्बरता पूर्वक उनकी हत्या किया गया हैं बेहद ही दुखद हैं मै इसका विरोध करता हूं और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले इसके लिए शासन प्रशासन से अनुरोध करता हूं।
देश प्रदेश में सरकार कोई भी पार्टी का हो सरकार को पत्रकारों पर ध्यान देने की बहुत जरूरत हैं फिलहाल छत्तीसगढ़ में अब पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार मार पीट जैसी घटना दिनों दिन आम होता जा रहा हैं इसको लेकर एक क़ानून बनाया जाना चाहिए जो पत्रकार साथी के हित में हो और कोई गलत तरीके से पत्रकार साथी के साथ कोई अप्रिय घटनाओं को अंजाम देने के लिए हजारों बार सोचें।
विशेष रूप से राज्य सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत हैं और इसपर काम करने की जरूरत हैं।
जिससे आने वाले समय पर किसी भी पत्रकार साथी पर कोई दुर्व्यवहार न हो।
इस दौरान डिजिटल मीडिया एसोसिएशन के संरक्षक जगदीश भाई पटेल, अध्यक्ष जितेन्द्र डडसेना, सचिव चंद्र कुमार श्रीवास, उपाध्यक्ष अनिल राठौर, कोषाध्यक्ष बाल कृष्ण राय सागर, सह सचिव विकास तिवारी, मनोज मिश्रा, विवेक साहू, कुलदीप वैश्य, कमलेश तिवारी,अशोक अग्रवाल, अजय तिवारी, भूपेंद्र साहू, संतोष गुप्ता,राहुल बंजारे और सभी सदस्य उपस्थित रहे।Tags :
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