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सतर्क कोरबा” के तहत कड़ी कार्यवाही। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कोरबा पुलिस का सख्त प्रहार।

सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस की कार्यवाही। गाली-गलौज, मारपीट एवं धमकी के मामले में आरोपी गिरफ्तार।

सतर्क कोरबा” अभियान के तहत अपराधियों पर कड़ा प्रहार। हिस्ट्रीशीट खोलकर बदमाशों पर कड़ी निगरानी, जवाबदेही भी तय।

बालको ने फायर सर्विस सप्ताह के माध्यम से अग्नि सुरक्षा जागरूकता को दिया बढ़ावा।

: पक्की ईंटो से बन रहा मजबूती वाला घर, पहाड़ी कोरवा बुधवारी बाई को अब नहीं लगेगा डर।

Vivek Sahu

Fri, Dec 6, 2024
कोरबा (न्यूज उड़ान) घने जंगल के बीच मिट्टी के घर में रहने वाली पहाड़ी कोरवा बुधवारी बाई को हमेशा यहीं डर सताता था कि तेज बारिश में कही उनका मिट्टी का मकान ढह न जाएं।   बारिश के साथ पहाड़ी कोरवा बुधवारी बाई के लिए एक नई मुसीबत शुरू हो जाती है।   खपरैल से पानी घर पर गिरता था तो कभी कच्ची दीवारें पानी में भीग-भीग कर उखड़ती रहती है।   इस बीच घने जंगल में गरज-चमक और तेज बारिश की गड़गड़ाहट उन्हें और भी डरा दिया करती है कि कहीं यह मिट्टी का घर ही न ढह जाएं।   अक्सर खौफ के बीच घर में रह रही पहाड़ी कोरवा बुधवारी बाई की ख्वाहिश तो थी कि वह भी पक्के घर में रहे, लेकिन गरीबी के बीच पक्के मकान का सपना उसके लिए एक सपना ही था।   देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीब परिवारों को पक्का मकान प्रधानमंत्री आवास दिए जाने की शुरूआत करने के पश्चात पहाड़ी कोरवा बुधवारी बाई का सपना हकीकत में बदल गया।   डर के साये में जीवन जी रही बुधवारी बाई का अपना पक्का मकान बन रहा है, जहां वह चैन से रह पाएगी।   लेमरू क्षेत्र के वनांचल में देवपहरी ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम बरपानी पहाड़ी कोरवा परिवारों का एक बसाहट ग्राम है।   घने जंगलों के बीच इस बसाहट में पहाड़ी कोरवा परिवार निवास करते हैं। बकरी पालन सहित अन्य वनोपज पर निर्भर पहाड़ी कोरवाओं के लिए अपने जीवनयापन के लिए ही रूपए जोड़ पाना कड़ी चुनौती है, ऐसे में पक्के आवास का सपना पूरा कर पाना उनके लिए संभव नहीं हो पाता।   पहाड़ी कोरवा बुधवारी बाई ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने के बाद खाते में एक किश्त आई है इस राशि से वह मजबूत नींव के साथ पक्का मकान बनवा रही है। घर पर एक बेटा है, जिसके साथ वह रहती है।   उन्होंने बताया कि जंगल के आसपास वन्यजीव रहते हैं, उनसे खतरा तो बना ही रहता है, इसके साथ ही बारिश में भी कच्चे मकान की वजह से डर बना रहता है। क्षेत्र में अधिक बारिश होने की वजह से दीवारों की मिट्टी उखड़ने लगती है और खपरैल के छत से भी पानी टपकते हुए घर के भीतर को भीगा दिया करती है। इससे घर में सोने तक की जगह नहीं बन पाती है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें दहशत के बीच रात काटनी पड़ी।   बारिश थमने का इंतजार भी करना पड़ता है। अब प्रधानमंत्री आवास योजना से घर बनने लगा है तो बुधवारी बाई खुश है कि आने वाली बारिश के दिनों में वह परेशानी और दहशत नहीं रहेगी। कुछ महीनों में पक्का मकान बन जाने से वह वहीं शिफ्ट हो जाएंगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार में आते ही तत्काल पीएम आवास के लिए पैसे जारी किए और पारदर्शिता के साथ हितग्राहियों तक पैसे पहुंचने, आवास निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए पैसा मिलने के साथ ही उन्हें मुसीबतो से छुटकारा मिलने लगा है और उनके सपने पूरे होने लगे हैं।

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