: चिर्रा से श्यांग, पूरी होगी सड़क की मांग।
Sat, Jul 20, 2024
कोरबा (न्यूज उड़ान )कोरबा विकासखंड अंतर्गत वनांचल क्षेत्र चिर्रा से श्यांग तक की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। हाथी प्रभावित होने के साथ ही मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर इस सड़क की स्थिति विगत एक दशक से अधिक समय से जर्जर है।सड़क जर्जर होने की वजह से इस क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों को आवागमन में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बारिश के समय इस मार्ग में कीचड़ और गर्मी के समय में धूल का गुबार उठने से राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। वर्षों से इस मार्ग को बनाने की मांग ग्रामीण करते आ रहे हैं। लेकिन चिर्रा से श्यांग मार्ग में पक्की सड़क नहीं बन पाई थी। शहर से दूर चिर्रा और श्यांग क्षेत्र के ग्रामीणों की मांग को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग को जिला खनिज संस्थान न्यास से बनाने का निर्णय लिया गया है। इस मार्ग के लिए 12 करोड़ की राशि का प्रावधान रखा गया है।
जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से कोरबा जिले के खनन प्रभावित क्षेत्र सहित दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में विकास की नींव रखी जा रही है। वनांचल क्षेत्रों के लोगों को बेहतर आवागमन मुहैया कराने अति आवश्यक सड़कों का निर्माण करने की पहल की गई है। डीएमएफ की बैठक में अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा सदस्यों के बीच चिर्रा से श्यांग मार्ग हेतु डीएमएफ से 12 करोड़ की राशि का प्रावधान रखे जाने की जानकारी प्रस्तुत किये जाने पर सभी ने सहमति जताते हुए इस प्रस्ताव की सराहना की। चिर्रा से श्यांग की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। इस मार्ग से गुरमा एवं श्यांग होकर धरमजयगढ़ पहुंचा जा सकता है। मार्ग के बनने से इस क्षेत्र में मौजूद गांव सिमकेदा, विमलता, चिर्रा, गीतकंवारी, लबेद, तीतरडांड, गिरारी सहित इस क्षेत्र में आवागमन करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा। मार्ग की स्थिति जर्जर होने की वजह से शाम होते ही यहां आवागमन बंद सा हो जाता था। बारिश होने के साथ ही मार्ग में कीचड़ और वाहन फसने से वाहन चालक परेशान होते थे। डीएमएफ से सड़क निर्माण के लिए 12 करोड़ की राशि का प्रावधान किये जाने पर क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी है। मार्ग से आवागमन कर रही महिला ललिता बाई, सुकदेव सिंह, रामेश्वर बाधे ने कहा कि वे इस मार्ग से कोरबा शहर की ओर जरूरी काम से जाते हैं। कई बार लौटने में विलंब हो जाता है। इस दौरान हाथी प्रभावित क्षे़त्र होने तथा बारिश में मार्ग कीचड़ से लथपथ होने की वजह से डर बना रहता है। अब सड़क बनने के लिए राशि स्वीकृत होने पर खुशी है कि जल्दी ही हम लोगों को पक्की सड़क नसीब हो पायेगी।पहुंचविहीन अमलडीहा से मालीकछार तक होगा सड़क का निर्माण-
कोरबा जिले के अंतिम छोर के ग्राम अमलडीहा से माली कछार तक पक्की सड़क नहीं होने का खामियाजा इस क्षेत्र के ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। इस क्षेत्र में शासकीय योजनाओं का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर श्री अजीत वसंत के समक्ष ग्रामीणों ने सड़क नहीं होने की बात रखी थी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को अमलडीहा से मालीकछार तक सड़क निर्माण हेतु निरीक्षण करने और प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। डीएमएफ की बैठक में इस मार्ग के निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रावधान रखते हुए समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु रखा गया था, समिति द्वारा इस मार्ग के निर्माण की सहमति प्रदान की गई।
: जिले के प्रथम जनमन आवास में मंगलूराम ने किया गृह प्रवेश
Sat, Jul 20, 2024
कोरबा( न्यूज उड़ान )शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत भंडारखोल में विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर वर्ग के हितग्राही मंगलूराम के द्वारा जिले का प्रथम जनमन आवास पूर्ण कर लिया गया है। शुक्रवार को मंगलूराम ने अपने परिवार सहित विधिवत पूजन करके जनमन आवास में गृह प्रवेश किया,अपने स्वयं का पक्का आशियाना पा कर उसके परिजनों ने खुशी जाहिर की है।
उल्लेखनीय है कि शासन की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को पक्के आवास का लाभ दिया जा रहा है। जिसके तहत कोरबा जिला में अब तक 650 हितग्राहियों के आवास स्वीकृत हुए है जिसमें से 518 हितग्राहियों को प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। 135 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त तथा 17 हितग्राहियों को तृतीय किश्त की राशि जारी की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत पीवीटीजी हितग्राही को पक्के जनमन आवास बनाने के लिए 2 लाख रुपये की राशि शासन द्वारा 4 किश्तों में दी जा रही है। इसके साथ ही हितग्राहियों को महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत 90 मानव दिवस की मजदूरी का लाभ भी दिया जा रहा है।
जिले में 20 जनमन आवास का निर्माण छत स्तर तक पहुँच गया है।
: “हर घर जल“ क्रियान्वयन के लिए आयोजित हुई एक दिवसीय कार्यशाला।
Sat, Jul 20, 2024
कोरबा (न्यूज उड़ान )कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशानुसार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत “हर घर जल“ क्रियान्वयन हेतु 31 ग्रामों का 01 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यशाला में 31 ग्रामों के सरपंच/सचिवों को हर घर जल उपलब्ध कराने के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई।
सीईओ जिला पंचायत श्री संबित मिश्रा ने हर घर जल के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों को बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए। इस कार्यशाला में प्रतिभागी को जल जीवन मिशन के तहत पेयजल की गुणवत्ता के शुद्ध पेयजल, वितरण प्रणाली के संधारण व संचालन में ग्राम पंचायतों की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई। परिचर्चा में ग्राम जल स्वच्छता समिति के कार्य व जिम्मेदारियों का बताया गया।
ग्राम व पंचायत स्तर पर जल वाहिनियों के द्वारा एफ.टी.के. कीट के माध्यम से पानी गुणवत्ता की जांच किस तरह की जानी है का व्यवहारिक प्रदर्शन कर बताया गया, जिससे लोगों को सुचारू रूप से शुद्ध पेयजल मिलता रहे। कार्यशाला में ग्राम पंचायतों को नल जल योजना के संचालन-संधारण, जल कर आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन इन पंचायतों द्वारा किया जा सकेगा।
कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अनिल कुमार बच्चन, सहायक अभियंता श्री बी. पी. चतुर्विदानी, सब इंजीनियर श्री जी. एस. कंवर व श्री अभिषेक विश्वकर्मा, केमिस्ट सुश्री अर्पणा झा एवं श्री रोबिन एक्का ट्रेनर श्री गोविंद निषाद, परियोजना समन्वयक श्री जितेन्द्र राजपूत, लव सिंह राजपूत, विपिन कुजूर, पंप ऑपरेटर्स आदि उपस्थित थे।