: प्रकृति के तीन कड़वे नियम जो सत्य है
Sun, Aug 11, 2024
1.प्रकृति का पहला नियमयदि खेत में बीज न डाले जाएं,तो कुदरत उसे घास फूस से भर देती है! ठीक उसी तरह से दिमाग में अगर सत्कारात्मक विचार न भरे जाएं, तो नकारात्मक विचार अपनी जगह बना लेती है! 2.प्रकृति का दूसरा नियम:
जिसके पास जो होता है वह वही बांटता है! सुखी "सुख" बांटता है!दु:खी दु:ख बांटता है! ज्ञानी ज्ञान बांटता है! भ्रमित भ्रम बांटता है और भयभीत भय बांटता है! 3.प्रकृति का तीसरा नियम
आपको जीवन में जो भी मिले, उसे पचाना सीखो क्योंकि -भोजन न पचने पर, रोग बढ़ता है! पैसा न पचने पर दिखावा बढ़ता है! बात न पचने पर, चुगली बढ़ती है! प्रशंसा न पचने पर, अहंकार बढ़ता है! निंदा न पचने पर, दुश्मनी बढ़ती है! राज न पचने पर, खतरा बढ़ता है!दु:ख न पचने पर, निराशा बढ़ती है! सुख न पचने पर,पाप बढ़ता है! यही जीवन का सत्य है!
: डायरिया से बचाव एवं रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक तथा मितानीन की सम्मिलित बैठक आयोजित
Sat, Aug 10, 2024
सक्ती 10 अगस्त 2024/ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जैजैपुर, खण्ड स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी, खण्ड कार्यक्रम अधिकारी (बी.पी.एम.) की उपस्थिति में आज जनपद पंचायत जैजैपुर के सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण ग्रामीण विकास विभाग के ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक तथा स्वास्थ्य विभाग से मितानीन (प्रति ग्राम पंचायत एक) की सम्मिलित बैठक ली गई। जिसमें डायरिया को फैलने की रोकथाम एवं बचाव तथा उपचार की बिन्दुओं पर चर्चा करते हुवे आवश्यक कार्ययोजना बनाई गई । इसके अलावा कलेक्टर जिला सक्ती श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार
जिले के सभी ग्राम पंचायतों में पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बने इस हेतु जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत सभी ग्रामों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिससे आयुष्मान कार्ड बनवाने हेतु छुटे हुए हितग्राहियों को शिविर में पहुंचने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर मितानीनों तथा रोजगार सहायक, सचिवों को मुनादी कराने के साथ-साथ घर-घर जाकर सूचना कर शिविर में उपस्थित कराने को कहा गया है।
: बिलासपुर जिले में आयोजित किया गया वरिष्ठ आरक्षकों के विवेचना संबंधित प्रशिक्षण
Sat, Aug 3, 2024
बिलासपुर( न्यूज उड़ान) छत्तीसगढ़ शासन, गृह विभाग द्वारा अधिसूचित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के अंतर्गत, 10 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके एवं क्रमोन्नति प्राप्त कर वेतन मैट्रिक्स 6 लेवल प्राप्त कर रहे वरिष्ठ आरक्षकों को विवेचना का अधिकार दिया गया है।इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भापुसे) द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए विवेचना के अधिकार देने से पूर्व सभी वरिष्ठ आरक्षकों को प्रशिक्षण प्रदाय किया गया।
इस संदर्भ में प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी श्रीमती अर्चना झा , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में दिनांक, 29 जुलाई 2024 से 2 अगस्त 2024 तक 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन पुलिस लाइन स्थित अरपा सभाभवन में किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा कुमार (सिटी कोतवाली), श्री उमेश प्रसाद गुप्ता (सिविल लाइन), श्री निमितेश सिंह (चकरभाठा), श्री सिद्धार्थ बघेल (सरकण्डा) एवं श्री उदयन बेहार (उप पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय) के पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ। जिले के थाना प्रभारीगण, जिन्हें पूर्व में ही नवीन कानूनों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा चुका था, ट्रेनर की भूमिका में थे।
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह ने इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की मॉनिटरिंग स्वयं की और प्रशिक्षण के गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया। तथा प्रतिदिन उपस्थित होकर सभी वरिष्ठ आरक्षकों को मार्गदर्शन देकर उनका मनोबल बढ़ाया।उप पुलिस अधीक्षक (IUCAW) सुश्री अनिता प्रभा मिंज एवं सुश्री अंजना केरकेट्टा ने महिला संबंधी अपराध एवं मिथ्या साक्ष्य संबंधी मामलों में विवेचना का प्रशिक्षण दिया।हरीश तांडेकर एवं प्रदीप आर्या ने मानव शरीर पर प्रभाव डालने वाले मामलों में प्रशिक्षण दिया, जबकि श्री विजय चौधरी एवं श्री किशोर केंवट ने लोक प्रशांति के विरुद्ध अपराध एवं लोक सेवकों द्वारा किये गए अपराध के मामलों में प्रशिक्षण प्रदान किया।
तोपसिंह नवरंग एवं श्री नवीन देवांगन ने लोक स्वास्थ्य, क्षेम, सुविधा आदि पर प्रभाव डालने वाले अपराधों के संबंध में, तथा श्री राहुल तिवारी एवं श्री नरेश चौहान ने संपत्ति के विरुद्ध अपराधों के मामलों में विवेचना का प्रशिक्षण दिया।प्रशिक्षण उपरांत, सभी आरक्षकों के लिए लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई ताकि इस प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान का परीक्षण किया जा सके। https://youtu.be/KeIq4CJn24U?si=FKoeGkWnVInyG5CO इस लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रवीणता को ध्यान में रखते हुए आरक्षकों को विवेचना का अधिकार दिया जाएगा।इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस विभाग में विवेचना की गुणवत्ता को उच्चतम स्तर पर बनाए रखना है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं के अंतर्गत पंजीबद्ध अपराधों में विवेचना का अधिकार प्राप्त करने वाले आरक्षक न केवल अपने ज्ञान को विस्तार देंगे बल्कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।बिलासपुर पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा, "इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य हमारे आरक्षकों को नवीन कानूनों के तहत विवेचना करने के अधिकार प्रदाय करने से पूर्व उनको दक्ष करना है। यह पहल न केवल हमारी पुलिस बल की दक्षता को बढ़ाएगी बल्कि न्याय प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी तथा पेंडेंसी को भी कम करेगी।"इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में राजपत्रित अधिकारियों एवं ट्रेनरों का विशेष योगदान रहा है। उनके द्वारा दिए गए प्रशिक्षण से आरक्षकों को न केवल कानूनी प्रावधानों का ज्ञान प्राप्त हुआ बल्कि व्यावहारिक दृष्टिकोण से विवेचना करने की क्षमता भी विकसित हुई।बिलासपुर पुलिस की यह पहल कानून व्यवस्था की मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा, जिससे पुलिस बल की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता में निरंतर सुधार होता रहे।