: मॉडल श्रम अन्न केन्द्र: श्रमिकों को किफायती दर पर मिलेगा भोजन
Tue, Jun 18, 2024
रायपुर (न्यूज उड़ान )/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार श्रमिकों के लिए नये-नये फैसलें ले रही हैं। कामकाजी श्रमिकों की दिक्कत को महसूस करते हुए उन्हें उनके कार्य स्थल के पास किफायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए मॉडल श्रम अन्न केन्द्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। यह केन्द्र रायपुर, कोरबा और कुनकुरी में खुलेंगे।श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मॉडल श्रम अन्न केन्द्र रायपुर के तेलीबांधा, कोरबा के नगर निगम बुधवारी टंकी और कुनकुरी में स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में 9 जिलों में 24 जगहों पर श्रम अन्न केंद्र संचालित हो रहे हैं। योजना का विस्तार करते हुए 13 जिलों के 27 स्थानों पर नवीन श्रम अन्न केंद्र शुरु किए जाएंगे। बैठक में नवा रायपुर स्थित मंडल कार्यालय में श्रमायुक्त एवं सह-सचिव श्रीमती अलरमेल मंगई डी, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मण्डल की सचिव श्रीमती सविता मिश्रा, अपर श्रमायुक्त श्री एस.एल. जांगडे सहित श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। श्रम मंत्री श्री देवांगन ने श्रम विभाग के मण्डलों में असंगठित एवं निर्माण श्रमिकों के पंजीयन, योजनाओं के आवेदनों के निराकरण में श्रमिकों अभिलेखों का सुस्पष्ट मिलान कर शत् प्रतिशत पात्र श्रमिकों को लाभ प्रदाय करना सुनिश्चित करें। साथ ही ऐसे श्रमिक जिनके अभिलेख में कमी, त्रुटि पाई जाती है उन श्रमिकों से अभिलेख पूर्ण कराकर पंजीयन, योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। खैरागढ़ जिले के अंतर्गत निर्माण, असंगठित श्रमिकों के पंजीयन, योजना आवेदनों में स्वघोषणा प्रमाण पत्र को अमान्य कर जिले द्वारा निरस्त किये गये आवेदनों को पुनः जांच करने के निर्देश दिये गये।मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए प्रदेश में निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना संचालित की जा रही है। जिसके अंतर्गत अब तक कुल 1534 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 927 आवेदन प्रक्रियाधीन है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत प्रदेश में कैलेण्डर वर्ष जनवरी 2024 से मई 2024 तक 2 लाख 47 हजार 742 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 25,700 आवेदनों का निराकरण किया गया। बैठक के दौरान श्रम मंत्री ने महतारी जतन योजना, नोनी-बाबू छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को इसका लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित करें।श्रम मंत्री ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा देने हेतु स्कूलों एवं बच्चों के चयन प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कुल 6,386 कारखानें हैं, जिसमें 922 जोखिम श्रेणी के कारखानें के रूप में चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने बैठक में अत्यधिक जोखिम श्रेणी के कारखानों के निरीक्षण प्रत्येक वर्ष 02 से 03 बार किये जाने तथा निरीक्षण के दौरान स्वीकृत नक्शों के अनुरूप कारखाना निर्मित नहीं होेने एवं कारखानों में दिए जा रहे प्रशिक्षण की जांच करने संबंधी निर्देश अधिकारियों को दिये। बैठक में बताया गया कि कर्मचारी राज्य बीमा सेवांए अंतर्गत संचालित समस्त 42 औषधालयों में दवाईयों की पूर्ति की पर्याप्तता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये, दवाईयों के अभाव में श्रमिकों को असुविधा न हो। छत्तीसगढ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा “भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम 1996“ के तहत् प्रदेश में होने वाले निर्माण कार्यो पर शत् प्रतिशत उपकर की राशि वसूली करने के निर्देश दिये गये।
: छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग :: मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर -:: आदेश :-
Mon, Jun 17, 2024
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 16/06/2024 क्रमांक एफ 3-2/2016/20-तीन विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 21.04.2024 द्वारा प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी व लू के कारण छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को दृष्टिगत रखते हुये, शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त, अशासकीय शालाओं हेतु दिनांक 22.04.2024 से 15.06.2024 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया था।2/ वर्तमान में भी प्रदेश में पड रही भीषण गर्मी के कारण छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुये राज्य शासन एतद् द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में दिनांक 16.06.2024 से 25.06.2024 तक वृद्धि करता है। दिनांक 26.06.2024 से शालायें प्रारंभ होगी । छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से आदेशानुसार(सिद्धार्थ कोमल सिंह बस्देशी) सचिव 16/6पृक्रमांक एफ 3-2/2016/20-तीनछ०ग० शासन, स्कूल शिक्षा विभाग नवा रायपुर, दिनांक 16/06/2024प्रतिलिपि :-1. सचिव, माननीय मुख्यमंत्री जी, छत्तीसगढ़, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर2. विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, माननीय मंत्री जी, स्कूल शिक्षा, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर4.3. विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, मुख्य सचिव कार्यालय, मंत्रालय, नया रायपुर अटल नगरनिज सचिव, सचिव, छ.ग. शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय, नया रायपुर अटल नगर5. संचालक, लीक शिक्षण संचालनालय, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर6. समस्त संभागायुक्त, छत्तीसगढ़7. समस्त कलेक्टर छत्तीसगढ़8 समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, छत्तीसगढ़9. संचालक, जनसम्पर्क संचालनालय, छत्तीसगढ़ रागपुर10. प्रबंध संचालक, समग्र शिक्षा, पेंशन बाठा, रायपुर (छत्तीसगढ़)
: प्रदेश की नई औद्योगिक नीति का पहला ड्राफ्ट 31 जुलाई तक होगा तैयार
Fri, Jun 14, 2024
रायपुर (न्यूज उड़ान) 14 जुलाई 2024। उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति 2024–29 के पहले ड्राफ्ट को 31 जुलाई तक जारी करने के निर्देश विभाग केनई औद्योगिक नीति के लिए उद्योग विभाग द्वारा लगातार अलग–अलग उद्योग संगठनों से विचार विमर्श कर उनके अमूल्य सुझाव लिए जा रहे हैं,अब तक प्रदेश के 20 अलग–अलग उद्योग संघों से सुझाव लिए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिसा, मध्यप्रदेश समेत अन्य प्रदेशों के उद्योग नीति पर स्टडी भी विभाग द्वारा की जा रही है। राष्ट्रीय, अंतराष्ट्रीय निवेशकों और उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में निवेश प्रोत्साहन बढ़ाने की दिशा में जोर दिया जा रहा है। उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं की नई औद्योगिक नीति में हर सेक्टर पर फोकस होना चाहिए। नए सेक्टर जैसे फार्मास्युटिकल, एग्रीकल्चर, टेक्सटाइल समेत अन्य सेक्टरों के उद्योग ज्यादा से ज्यादा लगें, ताकि रोजगार भी अधिक लोगों को मिले और प्रदेश में निवेश भी बढ़े। इन सेक्टरों के उद्योग लगने से प्रदूषण के बढ़ने की संभावना भी कम रहेगी।नई औद्योगिक नीति के लिए इस मेल आईडी पर भेज सकते हैं सुझाव।उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया की नई औद्योगिक नीति 2024–29 के लिए मेल आईडी suggestions. Cgindpolicy2024@gmail.com पर या फिर सीधे विभाग में अपने अमूल्य सुझाव दे सकते हैं। उद्योग मंत्री स्वयं जाएंगे अन्य राज्य, उद्योग प्रतिनिधियों से लेंगे सुझाव।नई नीति के लिए उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन स्वयं अन्य राज्यों का दौरा कर वहां के उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सुझाव लेंगे। ताकि उन राज्यों के उद्योग नीति के अच्छे और प्रोत्साहन परक अनुदान मांगों पर अध्ययन परीक्षण किया जा सके। अभी हाल ही में मंत्री श्री देवांगन ने नई दिल्ली में आईसीसी के प्रतिनिधियों से नई नीति हेतु विचार विमर्श किया था।सभी मंत्रीगण और विभागों से भी लिए जाएंगे राय,
नई औद्योगिक नीति के लिए सभी विभागों और मंत्री गणों से विमर्श के पश्चात ही आगे 5 वर्षों के लिए नीति बनाई जाएगी। ताकि नीति में सभी विभागों का समावेश हो और हर सेक्टर में उद्योग लग सके।