: ट्रेनी आईएफएस ने नियमों को ताक पर रख दैवेभो को किया बर्खास्त
Fri, Aug 23, 2024
कोरबा( न्यूज उड़ान )ट्रेनी आईएफएस व पसरखेत रेंजर तुगलकी फरमान ने तीन परिवार को मुसीबत में डाल दिया है।उन्होंने तमाम नियम कायदों को ताक पर रख दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। यह सजा कर्मचारियों को सिर्फ इसलिए दी गई कि वे संगठन के आव्हान पर नियमितिकरण की मांग को लेकर आंदोलन में शामिल हो गए।
दुखद पहलू तो यह है कि दो कर्मचारियों ने अपनी बर्खास्तगी का दंश सह लिया, लेकिन जीवन के 32 साल विभाग को देने वाला एक कर्मचारी सदमा बर्दाश्त नही कर सका। उसे सदमें में अटैक आने पर निजी अस्पताल दाखिल कराया गया है। प्रदेश में छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ व फेडरेशन के आव्हान पर नियमितिकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जा रहा है। इसके लिए संगठन के पदाधिकारियो ने विभाग प्रमुखों से बकायदा विधिवत अनुमति लिया है। संगठन की ओर से आंदोलन में शामिल कर्मचारियों की सूची भी विभाग को उपलब्ध कराई गई है। इस सूची में कोरबा वनमंडल के पसरखेत रेंज में पदस्थ कम्प्युटर आॅपरेटर यशवंत कुमार, वाहन चालक महत्तम सिंह कंवर और रात्री सुरक्षा चौकीदार रामखिलावन निर्मलकर का नाम भी शामिल हैं। वे तीनों अन्यस कर्मचारियों की तरह आंदोलन में शामिल थे। उन्हें अपने हक की लड़ाई के लिए संगठन का साथ देना महंगा पड़ गया। पसरखेत रेंजर की कमान जून 2024 से ट्रेनी आईएफएस (भारतीय वन सेवा) चंद्रकुमार अग्रवाल संभाल रहे हैं। रेंज का प्रभार संभालते ही चर्चा में आने वाले आईएफएस अफसर अपने तुगलकी फरमान के कारण एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल प्रशिक्षु अधिकारी ने तमाम नियम कायदों को दरकिनार कर आंदोलन में शामिल होने वाले तीनों कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है। 21 अगस्त को हस्तलिखित आदेश के माध्यम से कार्रवाई की सूचना वनमंडलाधिकारी और उप वनमंडलाधिकारी को भी दी गई है। अपनी नौकरी के हाथ से जाने का दुख तो कम्प्युटर आॅपरेटर और वाहन चालक ने किसी तरह सहन कर लिया, लेकिन विभाग में दैनिक वेतन भोगी के रूप में वर्ष 1992 से सेवा देते आ रहे रामखिलावन निर्मलकर सदमा बर्दाश्त नही कर सके। आंदोलन के दौरान पहले से मामूली रूप से बीमार चल रहा था इसी दौरान नौकरी से बर्खास्त करने की सूचना मिलने से श्री निर्मलकर को सदमें कारण पैरालिसिस अटैक आ गया। उन्हें आनन फानन इलाज के लिए कोसाबाड़ी स्थित निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। विडंबना तो यह है कि कार्रवाई से अंजान पुत्र पिता के बीमार होने की सूचना देने रेस्ट हाउस पहुंचा तो अफसर ने साफतौर पर कर्मचारी को बाहर निकालने का जवाब देते हुए बैरंग लौटा दिया। बहरहाल घटना के बाद से परिजनों के अलावा संगठन के पदाधिकारियों मे आक्रोश व्याप्त है। स्वतंत्रता दिवस के दिन कराया काम
प्रशिक्षु आईएफएस व रेंजर ने रामखिलावन निर्मलकर के नाम बर्खास्तगी आदेश जारी किया है। जिसमें 9 अगस्त से बिना सूचना अनुपस्थित रहने के अलावा बार बार मौखिक और दूर संचार से दिए गए निर्देश का पालन नही करने को कारण बताया गया है। सूत्रों की मानें तो रात्री सुरक्षा चौकीदार श्री निर्मलकर से 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के लिए रेंज कार्यालय में काम कराया गया। संगठन के आपत्ती जताने पर चौकीदार पुन: आंदोलन में शामिल हुआ था। नौ माह से नही मिला वेतन, इलाज हुआ मुश्किल
कोरबा व कटघोरा वनमंडल में करीब ढाई सौ दैनिक वेतन भोगी कार्यरत हैं, जो पूरी निष्ठा और इमानदारी से निर्वहन करते हैं। इसके एवज में उन्हें बेहद कम वेतन मिलता है। इस वेतन के लिए भी कई माह इंतजार करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि बर्खास्तगी का दंश झेलने वाले तीनों कर्मचारी को बीते नौ माह से वेतन नही मिला। ऐसे में सदमें के कारण बीमार कर्मचारी का उपचार कराना परिवार के लिए मुश्किल हो रहा है। क्या है बर्खास्तगी के नियम
जानकारों की मानेंं तो दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने के लिए नियम कायदे निर्धारित है। नियमानुसार किसी भी कर्मचारी को नौकरी से बाहर करने से पहले नोटिस जारी की जाती है। यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक न हो अथवा गलत जानकारी दी जाती है, तो प्रतिवेदन तैयार कर उच्च अधिकारी को दिया जाना था। खास तो यह है कि प्रशिक्षु अधिकारी को सीधे तौर पर बर्खास्तगी की कार्रवाई का अधिकार ही नही है। हमें कर्मचारियों के बर्खास्तगी संबंधी पत्र प्राप्त नही हुआ है। यदि पत्र मिलता है, तो उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।वर्जन..
सूर्यकांत सोनी, उप वनमंडलाधिकारी (दक्षिण),कोरबा।
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वर्जन
नियमितिकरण की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन मे जाने से पहले विधिवत सूचना दी गई है। हमारे साथियों को जबरिया काम पर बुलाया जा रहा है। प्रशिक्षु अधिकारी ने गलत तरीके से कार्रवाई की है, जो गलत है। कांशी राम ध्रुव, जिलाध्यक्ष, दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ।
: अवयस्क बालिका को बहला फुसलाकर दुष्कर्म करने वाला अज्ञात आरोपी पुलिस हिरासत में।
Fri, Aug 23, 2024
कोरबा (न्यूज उड़ान) दिनांक 22.08.2024 को एक अयस्क बालिका को अज्ञात आरोपी द्वारा बहला फुसला कर अपनी मोटर साइकिल में ले जा दुष्कर्म करने की सूचना पर थाना कोतवाली कोरबा में दुष्कर्म का अपराध पंजीबद्ध किया गया ।इस सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पर्यवेक्षण में अज्ञात आरोपी की तत्परता पूर्वक तलाश प्रारंभ की गई कोरबा शहर के सैकड़ो सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद संदेही आरोपी की पहचान कृष्ण पिता बुधराम यादव उम्र 30 वर्ष निवासी सर्व मंगला शांति नगर स्थाई निवासी ग्राम तिलकेजा थाना उरगा जिला कोरबा के रूप में हुई ।जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया है, आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा उसका मोबाइल जप्त किया गया विवेचना जारी है ।
: बालको ने विश्व स्तनपान सप्ताह पर समुदाय में चलाया जागरूकता अभियान।
Thu, Aug 22, 2024
बालकोनगर( न्यूज उड़ान ) वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने समुदाय की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान के साथ विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया। इस वर्ष की थीम ‘क्लोजिंग द गैप: ब्रेस्टफीडिंग सपोर्ट फॉर ऑल’ के अनुरूप महिला एवं बाल स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सत्र आयोजित की गई। इस अवसर पर ‘आरोग्य परियोजना’ के अंतर्गत शिशुवती माताओं और गर्भवती महिलाओं को बच्चों के पोषण और स्तनपान के महत्व से परिचित कराया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चे के लिए पहले 1,000 दिनों में मां के दूध का महत्व और कंगारू देखभाल जैसी उन्नत देखभाल तकनीकों पर जागरूकता प्रदान की गई। अभियान में मातृ एवं शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य और स्तनपान को अनुकूलित करने के लिए प्रसव से पहले महिलाओं के शरीर को तैयार करने पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में 500 से अधिक गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन में कंपनी ने स्तनपान कराने वाली माताओं को सम्मानित और समर्थन देने का काम किया। अभियान ने स्तनपान प्रथाओं को बढ़ावा देने तथा इसे बनाए रखने में परिवार, समुदाय और स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका को बताया गया। साप्ताहिक पहल में माताओं और गर्भवती महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक सभी की पहुँच एक समृद्ध समुदाय बनाने के हमारे दृष्टिकोण का केंद्र है। विभिन्न पहल के माध्यम से हम महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के साथ लोगों को एक स्वस्थ जीवन, आत्मनिर्भर भविष्य तथा सशक्त बनाने के लिए कटिबद्ध हैं। मातृ एवं बाल स्वास्थ्य का समर्थन करके हम अपने समुदाय की भलाई को बढ़ावा दे रहे हैं। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि समुदाय के प्रत्येक माता एवं शिशु एक स्वस्थ और समृद्ध जीवन व्यतीत कर सके।कोरबा की महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रेणु प्रकाश ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि बच्चे का पोषण माँ की भलाई से जुड़ा हुआ है। महिला एवं बाल विकास लक्ष्यों के अनुरूप बालको की पहल माताओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए सशक्त बनाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उनके बच्चों को उनकी ज़रूरत के अनुसार पोषण मिले, मुझे विश्वास है कि प्रतिभागी इन सीखों को स्वयं तथा अपने बच्चों की देखभाल के लिए अधिक प्रभावी ढंग से लागू करेंगी। पथरीपारा की लाभार्थी रेजिना लिंगा ने बताया कि इस सत्र से कंगारू केयर तकनीक ने मातृत्व के प्रति मेरे दृष्टिकोण को बदल दिया है। कंगारू केयर पद्धति में सिखाया गया की अपने बच्चे को शरीर से लगाकर रखने से मातृ एवं शिशु के रिश्ते मजबूत होते हैं साथ ही मेरे बच्चे की समग्र विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। सत्र के दौरान मिले मार्गदर्शन ने एक माँ के रूप में मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया है जिससे मुझे अपने बच्चे की उचित देखभाल करने में मदद मिली है। समुदाय के प्रति समर्पित बालको की आरोग्य और नंद घर पहल, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक-आर्थिक विकास और कल्याण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। आरोग्य व्यापक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ प्रदान करता है जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एनीमिया और एचआईवी, टीबी और नशामुक्ति के बारे में जागरूकता पर केंद्रित है। नंद घर, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से प्री-स्कूल पोषण, उच्च-स्तरीय पाठ्यक्रम के साथ शिक्षा, डिजिटल शिक्षण उपकरण और बेहतर सुविधाओं को बढ़ाता है जिससे बच्चों के संज्ञानात्मक विकास और स्कूल उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।